Madhukadi Him
मधुकादि हिम
गुण और उपयोग (Uses and Benefits)
- इस हिम का प्रयोग करने से अर्धावभेदक, पित्तवृद्धि-जनित शिरःशूल, लू लगने से होने वाले मन्दज्वर, जुकाम, सिर-दर्द आदि विकारों को शीघ्र नष्ट करता है।
- जिनको श्वास, कास, कफवृद्धि-विकार बराबर रहते हों, उनके लिए यह हिम विशेष उपयोगी है।
मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation) – मुलेठी, मिहीदाना, गावजबाँ, गुलवनप्सा, रेशाखातमी, मुनक्का, लिसोड़ा–ये प्रत्येक द्रव्य 1-1 तोला लेकर इनको जौकुट चूर्ण करके 7 पुड़िया बनावें। विधि 1-1 पुड्रिया को 10 तोले जल में मिट्टी या काँच के पात्र में रात्रि को भिंगो दें, सुबह मसल-छान कर मिश्री मिलाकर पीवें। इसी प्रकार एक पुड़िया सुबह भिंगोकर शाम को पीवें। —र. यो.सा.