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  • Garbhpal Ras

    Post Views: 32 गर्भपाल रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध सिंगरफ, नागभस्म, बंगभस्म, दालचीनी, तेजपात, छोटी इलायची, सोंठ, पीपल, मिर्च, धनियाँ, स्याहजीरा, चव्य (चाव), मुनक्का और देवदारु–प्रत्येक 1-1तोला, लौहभस्म आधा तोला लेकर सबको कोयल (सफेद अपराजिता) के रस में घोंटकर 1ये1 रत्ती की गोलियाँ बना सुखाकर रख लें।…

  • Chaturmukh Ras

    Post Views: 27 चतुर्मुख रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, लौह भस्म और अभ्रक भस्म 4-4 तोला तथा स्वर्ण भस्म 1 तोला लें। प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बना उसमें अन्य भस्में मिला, घृतकुमारी-रस में घॉटकर गोला बना, धूप में सुखा, एरण्ड-पत्र में लपेट, सूत से…

  • Pardarari Loh

    Post Views: 350 प्रदरारि लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- रक्त-स्राव को रोकने के लिए केवल लौह-भस्म ही काफी है। परन्तु अन्य रक्तरोधक यथा–कुटज छाल, मोचरस आदि दवाओं के संमिश्रण से यंह बहुत ही गुणकारी दवा बन जाती है। अतएव, रक्तप्रदर में इससे शीघ्र शमन होता है। रक्तपित्त और रक्तार्श (खूनी बवासीर) में…

  • Satnyesodhak Kwath

    Post Views: 33 स्तन्यशोधक क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ को बालक की माता को पिलाने से दूध शुद्ध होता है, जिससे बालक की प्रकृति स्वस्थ रहती है। अनेक माताओं के रक्त में जीर्ण उपदंश, सूजाक आदि रोगों का विष होता है और अनेक के अम्लपित्त और आमाशय या अन्त में क्षत…

  • Udayaditiye Ras

    Post Views: 29 उदयादित्य रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध पारद 4 रत्ती, शुद्ध गन्धक 8 तोला लें। दोनों को खरल में डालकर कज्जली करें। पश्चात्‌ ग्वारपाठा के रस में घोट कर, गोला बना कर, सुखा कर उसे मिट्टी की हंडिया में रख कर उसको पारद से दुगुने…