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    Post Views: 317 कामदेव चूर्ण मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि: कोंच की गिरी 1 तोला, सफेद मूसली 2 तोला, मंखाने की ठुड्डी (छिलका-रहित) 4 तोला, तालमखाना 4 तोला, मिश्री 5 तोला -सब का महीन चूर्ण कर मिश्री मिला कर काम में लावें । मात्रा और अनुपान: 3 से 6 माशा सुबह-शाम गाय के दूध के…

  • Panchkol Churan

    Post Views: 183 पञ्चकोल चूर्ण मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि : पीपल, पीपलामूल, चव्य, चित्रकमूल की छाल, सोंठ-प्रत्येक १-१ भाग लेकर एकत्र कूट-कपड़छन चूर्ण बना सुरक्षित रख लें। –शा. सं. ` मात्रा और अनुपान–१ से ३ माशे तक आवश्यकतानुसार दिन में दो-तीन बार शहद या गरम जल के साथ दें। गुण और उपयोग– यह चूर्ण…

  • GANGADHAR CHURAN

    Post Views: 173 गङ्गाधर चूर्ण (बृहत्) पाठा,बेलगिरी, सिंघाड़ा की पत्ती, दाड़िम की पत्ती, नागरमोथा, अतीस, राल, धाय के फूल, मिर्च, सौंठ, दारुहल्दी, चिरायता, नीम की छाल, जामुन की छाल, रसोत, इन्द्रजौ, मंजीठ, सुगन्ध वाला (खस), मोचरस, शुद्ध भांग, भाँगरा-प्रत्येक द्रव्य 1-1 तोला, की छाल 511 तोला लेकर सब द्रव्यों को एकत्र मिला, कूट कर, सूक्ष्म…

  • Narsingh Churan

    Post Views: 325 नारसिह चूर्ण मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि : शतावर ६४ तोला, छोटा गोखरू ६४ तोला, बाराहीकन्द ८० तोला, गिलोय १०० तोला, शुद्ध भिलावा १२८ तोला, चित्रकमूल की छाल ४० तोला, धोये हए तिल ६४ तोला, दालचीनी, तेजपात और छोटी इलायची–प्रत्येक ११-११ तोला, मिश्री २८० घ्य विदारीकन्द ६४ तोला लें, सब का एकत्र…

  • Avipatikar Churan

    Post Views: 159 अविपत्तिकर चूर्ण मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि: सोंठ, पीपल, काली मिर्च, हरड़, बहेड़ा, आँवला, नागरमोथा, विड्नमक, वायविडंग, छोटी इलायची और तेजपात – प्रत्येक 1-1 तोला, लौंग 11 तोला, निशोथ की जड़ 44 तोला और मिश्री 66 तोला लेकर सब को कूट-कपड़छन चूर्ण बना कर सुरक्षित रख लें। नोट कई वैद्य विड्नमक के…

  • Laghumai Churan

    Post Views: 327 लघुमाई चूर्ण गुण और उपयोग (Uses and Benifits )—— इस चूर्ण क सेवन से आमशूल आमातिसार और विशेषत रक्‍तातिसार नष्ट होता है। रक्‍तातिसार में इस चर्ण क उपयोग से शीघ्र लाभ होता है । सामान्यतः सभी अतिसारों में यह अच्छा लाभ करता है। मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan) —४ रत्ती(500 mg)…