Similar Posts

  • Jwaharmohra Number 1

    Post Views: 18 जवाहर मोहरा नं० – 1 ( स्वर्ण-मुक्ता-कस्तूरी-अम्बर-युक्‍त ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   माणिक्य पिष्टी 2 तोला, पन्ना पिष्टी 2 तोला, मुक्ता पिष्टी 2 तोला, प्रवाल पिष्टी 4 तोला, संगेयशव पिष्टी 4 तोला, कहरवा पिष्टी 2 तोला, वरक चाँदी तोला, वरक सोना 1,तोला, दरियाई नारियल…

  • Jatiyadi Kashyam / Kada

    Post Views: 35 जात्यादि क्वाथ ( कषाय ) गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ का प्रयोग रक्त-विकार सम्बन्धी विकारों, फोड़े फुन्सी होना, मुँह में छाले पड़ जाना, गले में छाले पड़ जाना आदि रोगों में बाह्य तथा आभ्यन्तरिक दोनों विधि से होता है। मुखपाक, मसूढ़े फूलना और मुंह तथा गले में छाले पड़ना…

  • Kashisadi Ghritam

    Post Views: 110 कासीसादि घृत गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इस घृत की शरीर पर मालिश करने से समस्त प्रकार के कुष्ठ, दाद, पामा, विचर्चिका, शुक्र दोष, विसर्प, वातरक्त-जनित विस्फोट, सिर के फोड़े, उपदंश, नाड़ी त्रण, शोथ, भगन्दर, मकड़ी के विष-जनित फफोले आदि विकार नष्ट होते हैं। यह घृत व्रणशोधक, व्रण रोपक और व्रण…

  • Mrigank Potli Rasayan

    Post Views: 7 मृगांक पोट्टीली रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा 4 तोला, सोने का वर्क 4 तोला, दोनों को-खूब घॉंटे।-जब पारद में स्वर्ण मिल जाय तो उसे 1-1 दिन कचनार, हुलहुल और कलिहारी के रस में घोंट, उसमें एक तोला सुहागा और 8 तोला मोती चूर्ण…

  • Sundrikalp

    Post Views: 126 सुन्दरीकल्प गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : मात्रा और अनुपान गुण और उपयोग स्त्री रोगनाशक, अनेक उत्तमोत्तम औषधियों के मिश्रण से निर्मित इस महौषधि के सेवन से खरियों को होने वाले समस्त प्रकार के रोग शीघ्र नष्ट होते हैं-तथा रक्तप्रदर, श्वेत प्रदर, कष्टार्तव, पाण्डु, गर्भाशय तथा योनिभ्रंश, डिम्बग्रन्थि-प्रदाह, हिस्टीरिया, बन्ध्यापन, ज्वर, रक्तपित्त,…

  • Vasantkusumakar Ras

    Post Views: 17 वसंतकुसुमाकर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  प्रवाल भस्म या पिष्टी,  रससिन्दूर, मोती पिष्टी या भस्म, अभ्रक भस्म प्रत्येक 4-4 तोला, रौप्य (चाँदी) भस्म, सुवर्ण भस्म 2-2 तोला, लौह भस्म, नाग भस्म और बंग भस्म–प्रत्येक 3-3 तोला लेकर सबको पत्थर के खरल में डालकर अडूसे की…