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    Post Views: 189 गुलकन्द गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसका प्रयोग करने से दाह, पित्तदोष, जलन, आन्तरिक गरमी बढ़ना और कब्ज के विकार नष्ट होते हैं तथा मस्तिष्क को शान्ति पहुँचाता है। इसके सेवन से स्त्रियों के गर्भाशय की गरमी शमित होकर अत्यार्तव (मासिक धर्म में अधिक रक्त जाना) रोग नष्ट होता है।…

  • Sidhpraneshwar Ras

    Post Views: 7 सिद्धप्राणेश्वर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, अभ्रक भस्म 4-4 तोला तथा सज्जीखार, सुहागे की खील, यवक्षार, पाँचों नमक (सेन्धा, काला, विड नमक, सांभर और सामुद्र नमक), हरे, बहेड़ा, आँवला, सोंठ, मिर्च, पीपल, इन्द्रजौ, सफेद जीरा, काला जीरा, चित्रकमूल, अजवायन, शुद्ध हींग,…

  • Yakritplihari Loh

    Post Views: 239 यकृत्‌-प्लीहारि लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से पुराने यकृत्‌-प्लीहा के रोग, उदर रोग, पेट फूलना, ज्वर, पाण्डु, कामला, शोथ हलीमक, अग्निमान्द्य और अरुचि का नाश होता है। यकृत्‌ रोग में इसका विशेष रूप से उपयोग किया जाता है। शरीर में यकृत्‌-जैसा दूसरा उपयोगी यंत्र नहीं है। यकृत्‌-रोग…

  • Chandershekhar Ras ( Gorochan Yukat)

    Post Views: 35 चन्द्रशेखर रस ( गोरोचन युक्त ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  अभ्रक भस्म, लौह भस्म, ताम्र भस्म, मण्डूर भस्म, कान्त लोह भस्म, शुद्ध टंकण, गोरोचन, सुगन्धवाला चूर्ण-प्रत्येक 1- 1 भाग लेकर एकत्र मिला, श्वेत अपराजिता के स्वरस या क्वाथ में एक दिन मर्दन करें। गोली बनने…

  • Dhatri Loh

    Post Views: 300 धात्री लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- यह परिणामशूल (खाने के बाद पेट में दर्द होना), पंक्तिशूल (भोजन पचने के समय पेट में दर्द होना), अजीर्ण, अम्लपित्त, कब्ज, गले में जलन, खट्टी डकारे आना आदि पैत्तिक रोगों में बहुत शीघ्र लाभ करता है। इसके सेवन सें पाचनविकार अच्छा होता तथा नेत्रों…

  • Kuasth Kalanal Ras

    Post Views: 43 कुष्ठकालानल रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध गन्धक, शुद्ध पारद, शुद्ध टंकण, ताम्रभस्म, लौहभस्म और पीपल–प्रत्येक 1 – 1 भाग लें, प्रथम पारद-गन्धक की कज्जली बनावें, पश्चात्‌ अन्यान्य भस्में एवं पीपल चूर्ण मिला नीम के पञ्चांग का क्वाथ और त्रिफला क्वाथ तथा अमलतास के पत्तों…