Similar Posts

  • Abhyadi Modak

    Post Views: 195 अभयोदि मोदक गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से बद्धकोष्ठता (कब्जियत), मन्दाग्नि, विषम-ज्वर, उदररोग, पाण्डु और वात रोग आदि रोग नष्ट होते हैं। इसमें दन्ती और निशोथ ये दोनों विरेचक औषधियाँ हैं। और इनमें भी निशोथ की मात्रा ज्यादा है। निशोथ विरेचन के लिए प्रसिद्ध दवा है। यही कारण है…

  • Vishava Tapharan Ras

    Post Views: 17 विश्वतापहरण रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्थक, ताम्र भस्म, शुद्ध कुचला, शुद्ध जमाल-गोटा, हरे, पीपल, कुटकी, निशोथ–प्रत्येक सम भाग लें। प्रथम पारा-गन्धक की कञ्जली बनावें, फिर उसमें अन्य औषधियों का महीन चूर्ण मिला दिन धतूरे के रस में घोटकर, 2-2 रत्ती की…

  • Hemgarbh Ras

    Post Views: 2 हेमगर्भ रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  ५ तोला शुद्ध पारद में सोने का वर्क 4 तोला लेकर एक-एक करके मर्दन करें। जब सब वर्क मिल जाये, तब उसमें 72 तोला शुद्ध गन्धक मिला कर कज्जली करें। पीछे उसमें 76 तोला अच्छे बसराई मोती का कपड़छन…

  • Anandbherav Ras ( Fever )

    Post Views: 29 आनन्दभैरव रस ( ज्वर ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध हिंगुल, शुद्ध विष, सोंठ, फूला हुआ सुहागा और जायफल प्रत्येक 1-1 तोला, काली मिर्च और छोटी पीपल 2-2 तोला लेकर पृथक्‌-पृथक्‌ इन्हें खूब महीन पीस कर वजन कर लेना चाहिए। पहले शुद्ध हिंगुल को…

  • Ratangiri Ras

    Post Views: 14 रत्नगिरि रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, स्वर्णमाक्षिक भस्म, ताम्र भस्म, अभ्रक भस्म, स्वर्ण भस्म, चाँदी भस्म प्रत्येक 2-2 तोला, शुद्ध गन्धक 24 तोला लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावें। फिर उसमें अन्य औषधियाँ मिलाकर, सबको भाँगरे के रस में 3 दिन घोंटकर पर्पटी…

  • Kumar Kalyan Ras

    Post Views: 49 कुमारकल्याण रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  रससिन्दूर, मोती भस्म, स्वर्ण भस्म, अभ्रक भस्म, लौह, भस्म और सोनामक्खी भस्म बराबर-बराबर लेकर घीकुमारी के रस में घोंट कर मूँग के समान गोलियाँ बना लें। वक्तव्य : मूँग स्थान भेद से छोटे-बड़े होते हैं। अतः आधी-आधी रत्ती वजन…