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    Post Views: 135 कर्पूरादि बटी(Karpuradi Vati) मुख्य सामग्री: कपूर 2 तोला जायफल सुपारी लौंग छोटी इलायची के बीज कबाब चीनी शुद्ध टंकण शुद्ध फिटकरी मिश्री – प्रत्येक 1-1 तोला। समान भाग लेकर पानी में खरल करके मूँग के बराबर गोलियाँ बना रख लें। छाया में सुखाकर रख लें। कत्था 3 तोला लेकर सब द्रव्यों को…

  • Plihari Vati(प्लीहारि बटी)

    Post Views: 344 प्लीहारि बटी मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि :  एलुवा, अभ्रक भस्म, कसीस और शुद्ध लहसुन–प्रत्येक समान भाग लेकर सबको तीन पहर गूमा के रस में घोंट कर 3-3 रत्ती की गोलियाँ बना कर रख लें। —-भै. र. मात्रा और अनुपान :  १ से 4 गोली दिन में दो बार गरम जल के…

  • Arshoghan Vati

    Post Views: 255 अर्शोऽघ्नी बटी    गुण और उपयोग (Uses and Benefits) – यह दोनों प्रकार के बवासीर (खूनी -बादी) के लिए उत्तम दवा है। खूनी बवासीर में जब जोरों का रक्तस्राव हो रहा हो, तो इस बटी के प्रयोग से बहुत शीघ्र रक्त बन्द हो जाता है। नियमित रुप से इस बटी का सेवन…

  • Kaphkuthar Ras

    Post Views: 28 कफकुठार रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, सोंठ, पीपल, कालीमिर्च, लौह भस्म, ताम्रभस्म सब बराबर लेकर, प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावे, फिर लौहभस्म और ताम्रभस्म को मिलायें तथा काष्ठौषधियों को कूट-कपड़छन चूर्ण कर कज्जली के साथ मिला छोटी-छोटी कटेली के फलों…

  • Shadbindu Oil

    Post Views: 162 षड्बिन्दु तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): सिर के दर्द के रोगी को चित्त लेटा कर दोनों नथुनों में इस तैल की 6-6 बूँद डालें। पुराना जुकाम, बार-बार सर्दी-जुकाम होना, नाक के मस्से, नाक के अन्दर सूजन आदि रोगों में एक सींक पर रूई लगा, इस तेल में भिंगो कर नाक…

  • Chopchini Pak

    Post Views: 198 चोपचीनी पाक गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से उपदंश (आतशक), त्रण, कुष्ठ, वातव्याधि, भगन्दर, धातुक्षय से उत्पन्न खाँसी, जुकाम और यक्ष्मा का नाश हो, शरीर पुष्ट हो जाता हैं। इस पाक में चोपचीनी प्रधान द्रव्य है, अतः सुजाक की वजह से पैदा हुई सन्धियों की सूजन और सन्धियाँ…