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  • Balchaturbhadar Churan

    Post Views: 631 बालचातुभद्र चूर्ण गुण और उपयोग– इस चर्ण के सेवन से बच्चों के ज्वर, अतिसार, खाँसी और वमन आदि रोग नष्ट होते हैं। यह चूणं बच्चों की बीमारी के लिये बहुत प्रसिद्ध है। सर्वसाधारण में यह चौहद्दी, चौमजी,चटनी आंद नामों से प्रसिद्ध हैं। यह दवा बच्चों के लिये अमृत के समान गुण करती…

  • Dashansanskar Churan

    Post Views: 292 दशनसंस्कार चूर्ण (मंजन) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि : सोंठ, हें, मोथा, कंत्था, कपूर, सुपारी की राख, कालीमिर्च, लौंग और दालचीनी सब चीजें समान भाग लेकर कूट-कपड़छन कर महीन चूर्ण बना लें। इस चूर्ण के समान : भाग खडिया मिट्टी का चूर्ण मिला शीशी में भर कर रख लें। नोट–कपूर सबसे पीछे…

  • Triphala Churan

    Post Views: 243 त्रिफला चूर्ण मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि:   हरड़ का छिलका, बहेड़े का छिलका, आँवला-गुठली रहित-प्रत्येक 1-1 भाग लेकर सूक्ष्म चूर्ण करके सुरक्षित रख लें।-शा. सं. मात्रा और अनुपान 3-9 माशे तक, रात को सोते समय गरम जल से या दूध के साथ अथवा विषम भाग घी और शहद के साथ दें। गुण…

  • Satavariadi Churan

    Post Views: 205 शतावर्यादि चूर्ण गुण और उपयोग (Uses and Benifits )— यह चूर्ण पौष्टिक, श्रेष्ठ बाजीकरण और उत्तम वीर्यवर्द्धक है। इस चुर्ण के सेवन से रस-रक्तादि सप्त धातुओं की क्रमशः वृद्धि हो जाती है। इसके सेवन काल में ब्रह्मचय स रहने से शरीर में बल और पौरुष शक्ति की वर्धि होती है ओर निर्दोष…

  • Bilva Phaladi Churan

    Post Views: 179 बिल्वफलादि चर्ण गुण और उपयोग– यह चर्ण संग्राही हे अथांत्‌ पतले दस्त को रोकता तथा आँतां को बलवान बनाता है। इस चर्ण क सेवन से आम और खनयक्त संग्रहणी नष्ट हो जाती है। संग्रहणी की पुरानी अवस्था में–आँतों में खराश हो जाती अर्थात्‌ आँतें छिल जाती हैं, जिससे दस्त के समय थोड़ा-सा…