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    Post Views: 32 कुमुदेश्वर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  स्वर्ण भस्म, रससिन्दूर, शुद्ध गन्धक, मोती भस्म या पिष्टी, शुद्ध पारद, शुद्ध टंकण, चाँदी भस्म, स्वर्णमाक्षिक भस्म–ये प्रत्येक – तोला लेकर एकत्र मिला, खरल में डाल कर काँजी के साथ मर्दन करके एक गोला-सा बना लें। इस गोले को…

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    Post Views: 37 कफकुठार रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, सोंठ, पीपल, कालीमिर्च, लौह भस्म, ताम्रभस्म सब बराबर लेकर, प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावे, फिर लौहभस्म और ताम्रभस्म को मिलायें तथा काष्ठौषधियों को कूट-कपड़छन चूर्ण कर कज्जली के साथ मिला छोटी-छोटी कटेली के फलों…

  • Bahushal Gud

    Post Views: 503 बाहुशाल गुड़ गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से बवासीर, आमवात, संग्रहणी, प्रमेह प्रतिश्याय, आदि रोग नष्ट होकर मनुष्य बलवान हो जाता है। बवासीर में पेट में वायु भर जाने पर उसे अनुलोमन करने के लिए बाहुशाल गुड़ बहुत प्रसिद्ध दवा है। पाँचों प्रकार के गुल्म, पीनस, पाण्डु, हलीमक,…

  • Vidangasava / Vidangarist

    Post Views: 167 विडंगासव ( विडंगारिष्ट ) गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इसके उपयोग से उदर कृमि, विद्रधि, गुल्म, उरूस्तम्भ, अश्मरी, प्रमेह, प्रत्यष्ठीला, भगन्दर, गण्डमाला, हनुस्तम्भ-इन रोगों को यह शीघ्र नष्ट करता है। मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan)  :-1 तोला से 2 तोला तक, दोनों समय भोजन के बाद, समान भाग जल मिलाकर…