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  • Pipliadi Loh

    Post Views: 239 पिप्पल्यादि लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- यह कास, श्वास, हिचकी, वमन आदि रोगों को दूर करने के लिए अत्युत्तम दवा है। छाती में कफ जमा हॉकर बैठ जाने से बहुत खाँसने पर थोड़ा-सा कफ निकलता है, जिससे रोगी को बड़ी परेशानी होती है। ऐसी हालत में इसकी 2-3 मात्रा…

  • Kaskartari Ras

    Post Views: 28 कासकर्त्तरी रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, पीपल, हरड़, बहेड़ा, अडूसामूल-छाल ये प्रत्येक एक से दूसरे की द्विगुण लें, अर्थात्‌ शुद्ध पारद 1 तोला, शुद्ध गन्धक 2 तोला, पीपल 4 तोला, हरड़ 8 तोला, बहेड्डा 16 तोला, अडूसामूल-छाल 32 तोला लेकर प्रथम…

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    Post Views: 36 कामधेनु रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध गन्धक और आँवला-कली चूर्ण इन दोनों को समान भाग लेकर आँवला-रस और सेमल मूसली के रस की 7-7 भावना देकर छाया में सुखा कर रख लें। — भै. र. मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan)–  2-4 रत्ती, सुबह-शाम धारोष्ण…

  • Krimikuthar Ras

    Post Views: 30 कृमिकुठार रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, वायविडंग, शुद्ध हींग, इद्रजौ, वच कमीला (कम्पिल्लक), करंज बीज को सेंककर निकाला हुआ मग्ज, पलाश के बीज, अनार के मूल की छाल, सुपारी, डीकामाली, छिला हुआ लहसुन, सोंचर नमक, अजवायन का सत्त्व-ये सब समान…

  • Durjaljeta Ras

    Post Views: 31 दुर्जलजेता रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध बच्छनाग 2 तोला, कौड़ी भस्म 5 तोला, काली मिर्च का चूर्ण 9 तोला–सब को कूट कपड़छन चूर्ण बना करके एकत्र मिला, अदरक-रस में घोंट कर मूँग के बराबर (एक-एक रत्ती) की गोलियाँ बना, सुखा कर रख लें। —यो….